VIDEO_5b244eb0-5068-4958-8740-5bf61194e809 सहज सुभाव परयौ नवल किशोरी जू कौ,

  • 4 months ago
सहज सुभाव परयौ नवल किशोरी जू कौ, मृदुता, दयालुता, कृपालुता की रासि हैं। नैकहूं न रिस कहूं भूले हू न होत सखि, रहत प्रसन्न सदा हियेमुख हासि हैं। ऐसी सुकुमारी प्यारे लाल जू की प्रान प्यारी, धन्य, धन्य, धन्य तेई जिनके उपासिहैं । हित ध्रुव ओर सुख जहां लगि देखियतु, सुनियतु जहां लागि सबै दुख पासि हैं। - श्री ध्रुवदास, श्रृंगार शत, बयालीस लीला

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