Hindi News:लखनऊ से विवेक ----- सिकंदर मूवी देखकर निकले लोगों से सिकंदर मूवी को लेकर के बातचीत अधिकतर लोगों ने 10 में से 7 नंबर इस मूवी को दिए हैं। लोगों को कहना है वन टाइम वॉच मूवी है। सलमान खान बहुत नया नहीं कर रहे हैं। एक जगह खड़े होकर के उन्होंने एक्टिंग की है। पर हां जैसा एक्शन उनकी पिक्चरों में रहता है वैसा एक्शन देखने को मिला। स्टोरी लाइन ठीक ठीक थी पर स्टोरी कोई भी व्यक्ति guess कर सकता था।
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00:00मेरा नाम महममत कामरान है
00:02कैसे लगी मूवी थी?
00:04मूवी ठीक है, अवरेज है
00:06अवरेज मूवी है
00:08डस मेंसे साथ स्टार्ट देंगे
00:10क्या खराब लगाया?
00:12क्या आपके बहुत अच्छा नहीं लगाया?
00:14आपके बहुत अच्छा नहीं लगाया?
00:22आपके बहुत अच्छा नहीं लगाया?
00:24हाँ, वही है, लगों क पुराना ही है
00:26मतलब आप इस डोरी देख च प्रेडिक्ट कर सके है
00:28कि आगे क्या होगा, वही सब पुरानी चीज़े है
00:30ज़शूर रहती है, हाँ
00:32कुछ भी नया नहीं है
00:34मेरे नाम उतकर्ष है, बहुत अच्छी मूवी थी
00:36जैसे की भाई की मुवी है तो बढ़िया एक्शन भी है और थमाल कर रहे हैं।
00:40और और टेन अवट टेन।
00:42ठीक नहीं है।
00:44जादा मुवी देखे हैं, कैसी लगी पिछर?
00:47बढ़िया लगी।
00:48कितने नुमर देखेंगे टेस में से?
00:50डसो नुमर देखेंगे।
01:06क्या बहुत अच्छा नहीं लगेंगे?
01:08साप नुमर की भाईजान पिछर है, बड़ा शॉक से आते हैं देखेंगे.
01:12क्या और होता था अच्छा लगता है?
01:14क्या स्टोरी लाइन क्या थी, के तरह क्या लगता है?
01:17स्टोरी लाइन थोड़ा अलग थी, डिफरेंब.
01:21लोगों को देखना चाहिए?
01:23हूं, देखना चाहिए.
01:25ये वन टाइम वाच है, और मैम भी अच्छी लग रही है सल्मान खान के साथ, पहली फिल्म है उनकी.
01:31और सॉंग्स भी जाधा कुछ खास नहीं है, उतना वाव मुमेंट नहीं है.
01:35मुझे वाव मुमेंट नहीं है, वन टाइम वाच है, और चलेगी अभी, जब तक ये ईद का फेस्टिवल चल रहा है.
01:40ठीक है, वन टाइम वाच.
01:42अरे बढ़िया थी, बढ़िया थी, एकड़ाम.
01:44कितने नुमर दोगे तो? आट.
01:46क्या अच्छा लगा है इस मुझी में, क्या बहुत एक्साइटिंग था के साथ?
01:48मुझी में, अच्छी थी, थोड़ी स्टोरी लाइन अच्छा था मुझी का.
01:54पूरे लाइन बढ़िया था, थोड़ा सा इंप्रूग्मेंट हो सकती था.
01:58आटिंग अच्छी थी, बागी सारी चीज़े अच्छी थी, बढ़िया थी, एंटरेटेइनिंग थी, आच्छें तो ज़्यादा ही था.
02:07आच्छें नहीं आच्छें था मुझी में, आच्छें की तो कोई कमी नहीं थी.
02:11आप बताओ, आप क्या बोलते हैं?
02:13नहीं बोलना चाहूँगा, क्योंकि आइक्टिंग थोड़ी से इंप्रूब हो सकती थी, और CGI के जो इफेट्स थे, वो क्या बोलते हैं, ज़्यादा ओवर रेटेट लग रहे थे, बागी सब ठीक है.
02:23बागी, टेन में मैं सेवन दूँगा उनको, बागी सल्मान खान तो दिल में है, उनके भाईजान की फीचर नहीं तब ही देखने आये, वर्णा के तब गंदा नहीं आती.
02:33थीक थी मूवी, फाइप में से 3 मान के चलिये, अक्शन, जी साथ, दस में मान के चलिये 7, जी साथ सोचा था अक्शन होगा, भर्पूर अक्शन होगा, सल्मान खान के तो यह एकस्टर्ट करते हैं कि अच्छा साच्चा अक्शन मिलेगा, बागी गुड लोकिंग वैसे ह
03:33और मूवी मुझे लग रहा था कि जी डॉक्मेंट्री बेस्ट लग रही थी, और अगर रश्मिका का करेक्टर बहुती छोटा था, और उसी पे पूरी स्टोरी घोम रही थी, घोम रही थी बस, और बस इस
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